कर्ज मुक्ति

यदि आपका कर्ज बढ़ता जा रहा है तो इस नवरात्री मॆ करे कर्ज मुक्ति के सरल प्रयोग

यदि आपका कर्ज बढ़ता जा रहा है और उसके उतरने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है तो चैत्र नवरात्रि में किसी भी दिन मिट्टी का एक दीया लेकर उसमें सरसों का तेल भर लें और उसे किसी मिट्टी के ढक्कन से ढंक दें।

यदि नवरात्रि में शनिवार आए तो ठीक वरना किसी भी दिन उस मिट्टी के दीये को किसी नदी या तालाब के किनारे एक गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दें। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जो व्यक्ति इसे करे वह मौन रहे। ऐसा करके चुपचाप घर आ जाएं। कुछ ही दिनों में कर्ज उतरने की स्थिति बनने लगेगी।

प्रात:काल देवी दुर्गा के समक्ष तेल का दीपक जलाएं

नवरात्रि के प्रथम दिन से प्रारंभ करके नवमी तक प्रतिदिन प्रात:काल देवी दुर्गा के समक्ष तेल का दीपक जलाकर ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें।

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।

स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः ॥1॥

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।

धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः॥2॥

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।

व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः॥3॥

एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।

ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्॥4॥

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।

कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥5॥

स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।

न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्॥6॥

अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।

त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय॥7॥

ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।

भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा॥ 8 ||

अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।

तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्॥9॥

विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।

तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः॥10॥

पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।

ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः॥11॥

एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।

महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा॥12॥

|| इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम् ||

अंतिम दिन देवी दुर्गा को शुद्ध घी के हलवे का भोग लगाकर कर्पूर से आरती करें। इससे शीघ्र ही आप कर्ज मुक्त हो जाएंगे और नया कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ नवरात्रि के बाद भी करते रहेंगे तो कभी कर्ज लेने की नौबत नहीं आएगी।

नवरात्रि के किसी भी दिन एक लाल रूमाल लेकर उसमें गुलाब के पांच फूल, एक चांदी का छोटा सा पत्ता, सवा सौ ग्राम अक्षत और सवा सौ ग्राम गुड़ लें। इसे सामग्री को विष्णु-लक्ष्मी के मंदिर में अर्पित करें और अपने कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें। इससे आपके कर्ज में कमी आने लगेगी।

नवरात्रि की अष्टमी तिथि

नवरात्रि की अष्टमी तिथि को सवा पाव मूंग उबालकर उसमें घी और शकर मिलाकर गाय को खिलाएं। धन की आवक बढ़ेगी और कर्ज समाप्त होगा।

नवरात्रि की किसी भी तिथि को एक नारियल लें तथा उस पर चमेली के तेल में सिंदूर घोलकर उससे स्वस्तिक बनाएं। इस नारियल को बेसन के लड्डू या गुड़-चने के साथ हनुमान मंदिर में जाकर अर्पित करें। हनुमानजी से कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें।

नवरात्रि की सप्तमी तिथि

नवरात्रि की सप्तमी तिथि को अपनी पूरी लंबाई के अनुसार काला धागा लें। इसे एक नारियल पर लपेट लें। इस नारियल को बहते जल में प्रवाहित करने से शीघ्र कर्ज मुक्ति होती है।

नवरात्रि के पूरे नौ दिन दुर्गासप्तशती के पाठ करने से कर्ज मुक्ति, रोग मुक्ति और समस्त समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

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