चॉकोबार आइसक्रीम को घर में बनाने का सबसे आसान और किफ़ायती तरीका

चॉकोबार आइसक्रीम जिसका नाम सुनते ही बच्चा हो या बड़ा सबके मुहं में पानी भर आता है,और फिर अगर मौसम गर्मी का हो तो कहना ही क्या, बस अभी ले आइये और जितना मर्जी ले आइये सब सफाचट ही होने वाला है. आइसक्रीम कंपनियों का डाटा बताता है की आज भी आइसक्रीम मार्केट में “चॉकोबार” पूरे भारत की सबसे फेवरेट आइसक्रीम बनी हुई है, और इसका मुख्य कारण है इसका जबर्दस्त स्वाद जो हम भारतीयों के मुहं पर चढ़ा हुआ है. लेकिन आज की बढती महंगाई ने रोज-रोज चॉकोबार खाने को एक तरह से सपना ही बना दिया है.

जैसा की मोना गुरु का हमेशा प्रयास रहता है की अपनी सखियों को रोजमर्रा की समस्याओं के बिलकुल सरल और सामान्य हल दिए जाए, तो इसी कड़ी में आज मोना गुरु आपके लिए चॉकोबार आइसक्रीम बनाने की घरेलू विधि एक साधारण से और बिलकुल छोटे विडियो द्वारा लेकर आई है, ये स्वाद के मामले में तो बाजार की चॉकोबार को मात दे ही देगी साथ ही साथ आपकी जेब पर भी बिलकुल भारी नही पड़ेगी.तो बिलकुल भी देर नही करते हुए सीखते है घर में चॉकोबार बनाने की बिलकुल आसान विधि

चॉकोबार आइसक्रीम

पहले सारी विधि और सामग्री को समझ लीजिये,फिर और बेहतर जानकारी के लिए नीचे दिया हुआ विडियो देखिये

चॉकोबार बनाने के लिए आवश्यक सामग्री :

1. फुल क्रीम – डेढ़ कप ( बिलकुल चिल्ड ठंडी )
2. शक्कर – चौथाई कप ( बिलकुल पिसी हुई )
3. दूध – आधा कप ( बिलकुल ठंडा और फुल फैट वाला )
4. वनिला एसेंस – आधा चम्मच
5. चॉकलेट के टुकड़े

चॉकोबार आइसक्रीम

चॉकोबार बनाने की विधि :

1.सबसे पहले फुल क्रीम जो बिलकुल चिल्ड ठंडी हो उसमे पाउडर की हुई शक्कर डाल कर बीटर से बीट करे ( विडियो में दिखाये अनुसार )
2.जब एक गाड़ा टेक्सचर तैयार हो जाए ( विडियो में दिखाये अनुसार ) तब इसमें बिलकुल ठंडा फुल फैट मिल्क और वनिला एसेंस डालकर पुनः बीट करे.
3. अब एक गाड़ा और क्रीमी टेक्सचर तैयार है ( विडियो में दिखाये अनुसार )
4. इसको मोल्ड में भरे ( विडियो में दिखाये अनुसार )
5.फ्रीजर में जमा देवे
6. चॉकलेट के टुकडो को विडियो में दिखाये अनुसार गर्म करके पिघला लेवे
7. पिघली चॉकलेट को एक गिलास में भरे
8. मोल्ड से जमी हुई आइसक्रीम को निकाल कर विडियो में दिखाये अनुसार चॉकलेट में डूबा कर तुरंत निकाले
9. चॉकोबार आइसक्रीम तैयार है

चॉकोबार आइसक्रीम

आइये अब जल्दी से चॉकोबार आइसक्रीम बनाने का विडियो देखते है

विशेष टिप्स :

1.जब आप क्रीम को बीट करे वो बिलकुल चिल्ड ठंढी होनी चाहिए, तभी उसका टेक्सचर बिलकुल सही बनेगा
2. मिलाया जाने वाला दूध फुल फैट वाला और बिलकुल आइस चिल्ड होना चाहिए

अब देखिये विडियो :

तो सखियों ये थी चॉकोबार आइसक्रीम को घर में बनाने की बिलकुल आसान और बेहद किफ़ायती विधि, तो देर किस बात की है आज से ही इसे बनाइए और परिवार में सबको चॉकोबार आइसक्रीम खिलाकर खुशियों के हिंडोले पर झुला दीजिये.

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“मोना-गुरु” हर महिला की वो आभासी (वर्चुअल) सहेली है ,जो रोजमर्रा की हर मुश्किल का आसान हल तो देती ही है साथ ही अपनी सखियों को घर-संसार से जुड़ी हर बातों में आगे भी बनाये रखती है.

 
कॉकरोच

कॉकरोच को घर से भगाने के साधारण उपाय

घर में कॉकरोच का होना बिमारियों को आमंत्रण देना होता है और यदि किसी के किचन में ये डेरा जमा ले तो उस घर में लोगो का बीमार पड़ना तो तय है. क्योंकि घर में कॉकरोच होने के सीधा अर्थ है की आपके घर में सफाई ठीक नहीं है. जिसकी वजह से वहां कॉकरोच पनपने लगते है. हम अक्सर ऊपर की साफ़-सफाई तो कर लेते है लेकिन घर के कोने व् गहरी जगहों को हमेशा छोड़ देते है. जिनके कारण घर में कॉकरोच पैदा होने लगते है.बरसात के मौसम में घरों में सीलन बढ़ जाती है और कॉकरोचों के पनपने के लिए ये सबसे अनुकूल समय होता है. इनके सबसे अधि‍क पनपने की जगहें किचन और स्टोर रूम होती है.




बाजार में ऐसे कई उत्पाद मौजूद हैं जो ये दावा करते हैं कि उनके इस्तेमाल से कॉकरोच हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे लेकिन इस रासायनिक चीजों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरा भी साबित हो सकता है. खासतौर पर तब जब आपके घर में छोटे बच्चों हो. ऐसे में बेहतर होगा कि आप घरेलू उपाय अपनाएं, इस लेख में मोना गुरु आपको ऐसे साधारण नुस्खे बताने जा रही है जिसके प्रयोग से घर से कॉकरोच हमेशा के लिए भाग जायेगे और इन नुस्खो के लिए जरूरी सभी सामग्री भी आपको आपकी रसोई में ही मिल जायगी.




1. तेजपत्ते का इस्तेमाल

कॉकरोच भगाने के उपाय

तेजपत्ते की गंध से कॉकरोच भागते हैं. घर के जिस कोने में कॉकरोच हों वहां तेजपत्ते की कुछ पत्ति‍यों को मसलकर रख दें. कॉकरोच उस जगह से भाग जाएंगे. दरअसल, तेजपत्ते को मसलने पर आपको हाथों में हल्का तेल नजर आएगा. इसी की गंध से कॉकरोच भागते हैं. समय-समय पर पत्ति‍यां बदलते रहें.

2. बेकिंग पाउडर और चीनी मिलाकर रखने से

कॉकरोच भगाने के उपाय

एक कटोरे में बराबर मात्रा में बेकिंग पाउडर मिलाएं और इस मिश्रण को प्रभावित जगह पर छिड़क दें. चीनी का मीठा स्वाद कॉकरोचों को आकर्षि‍त करता है और बेकिंग सोडा उन्हें मारने का. समय-समय पर इसे बदलती रहें.



3. लौंग की गंध

कॉकरोच भगाने के उपाय

तेज गंध वाला लौंग भी कॉकरोचों को भगाने के लिए एक अच्छा उपाय है. किचन की दराजों और स्टोर रूम की अलमारियों में लौंग की कुछ कलियों को रख दीजिए. इस उपाय से कॉकरोच भाग जाएंगे.

4. बोरेक्स के इस्तेमाल से

कॉकरोच भगाने के उपाय

प्रभावित जगहों पर बोरेक्स पाउडर का छिड़काव कर दें. इससे कॉकरोच भाग जाते हैं लेकिन ये खतरनाक साबित भी हो सकता है. बोरेक्स पाउडर का छिड़काव करने के समय ये ध्यान रखें कि वो बच्चें की पहुंच से दूर हो.



5. केरोसिन ऑयल के इस्तेमाल से

केरोसिन ऑयल के इस्तेमाल से भी कॉकरोच भाग जाते हैं लेकिन इसकी बदबू से निपटने के लिए आपको तैयार रहना होगा,कॉकरोच प्रभावित जगह पर केरोसिन में भीगी रुई रख देवे, सब कॉकरोच भाग जायेगे.

कुछ अन्य टिप्स:

– पानी के निकास वाली सभी जगहों पर जाली लगी होनी चाहिए.
-फल-सब्जी के छिलकों को ज्यादा समय तक घर में न रहने दें.
-कॉकरोचों की संख्या बढ़ने से पहले ही हरकत में आ जाएं.
-स्प्रे करने के दौरान अपनी त्वचा को ढककर रखें.

6. खीरे की स्लाइस

कॉकरोच भगाने के उपाय

घर में जिस जगह भी कॉकरोच होने की सम्भावना हो उस जगह पर खीरे की स्लाइस रख दीजिये, कॉकरोच को इसकी गंध पसंद नही आती है और वो इससे भाग जायेगे.

7. अंडे के छिलके

कॉकरोच भगाने के उपाय

अंडे के छिलके को देखकर भी कॉकरोच डरते है, उनके रहने की जगह पर इन छिलकों को डाल दीजिये, सारे कॉकरोच गायब हो जायेगे.

तो सखियों ये थे मोना गुरु की तरफ से कुछ बेहद ही साधारण से नुस्खे जिनका प्रयोग करके आप अपने घर को पूरी तरह से कॉकरोच मुक्त कर सकते है.




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“मोना-गुरु” हर महिला की वो आभासी (वर्चुअल) सहेली है ,जो रोजमर्रा की हर मुश्किल का आसान हल तो देती ही है साथ ही अपनी सखियों को घर-संसार से जुड़ी हर बातों में आगे भी बनाये रखती है.

गर्लफ्रेंड

गर्लफ्रेंड नाराज हो गयी है, कोई बात नहीं ये टिप्स अपनाइए चुटकियो में मान जाएगी

गर्लफ्रेंड रूठ गयी है, कोई बात नहीं ये टिप्स अपनाइए चुटकियो में मान जायगी

अगर आपकी गर्लफ्रेंड है तो आपकी जिंदगी में रूठना-मनाना कोई नई बात नहीं होगी। लेकिन वे लोग जो अभी-अभी प्‍यार के चक्‍कर में पड़े हैं उनके लिये गर्लफ्रेंड के नखरे झेलना थोड़ा मुश्‍किल हो रहा होगा। आपकी गर्लफ्रेंड क्‍या बोलती है और उसका क्‍या मतलब निकलता है, इस बात से तो आप रोज ही रूबरू होते होंगे। लेकिन तब क्‍या करते हैं जब आपकी गलफ्रेंड आपसे बिना बात के मुंह फुला ले और बात करना बंद कर दे तो।



इस बात को याद रखिये की महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा अधिक भावनात्मक होती हैं। आपकी जरा सी कड़वी बात उनके दिल पर गहरी चोट कर सकती है इसलिये अगर आपकी गर्लफ्रेंड रूठी हुई है तो उसे नीचे बताए हुए टिप्‍स से मनाएं…

बिना संकोच किये उससे माफी मांगे

अगर गर्लफ्रेंड नाराज हो गई है तो उससे सबसे पहले मांफी मांग लें। यह एक बहुत ही common और best तरीका है अपनी रुठी हुई गर्लफ्रेंड को शांत करने का। हमें पता है कि ये थोड़ा मुश्‍किल काम होगा लेकिन इससे आपकी इज्‍जत उसकी आंखों में बढेगी। लड़ाई को सुल्‍झाने के लिये वाक्‍य के आगे Please शब्‍द लगाना ना भूलें। यह वाक्‍य बोलने से आपकी गर्लफ्रेंड का दिल कुछ ही सेकेंड में ही पिघल जाएगा और वह आपको गले लगा लेगी।



शांति से उसकी बातों को सुने और गुस्‍सा ना करें

हर लड़की चाहती है कि उसकी बात को उसका बॉयफ्रेंड कान खोल कर सुने। और जब बात नाराज गर्लफ्रेंड की आती है तो उस समय अपनी बात जबरदस्‍ती कहने की बजाए अपनी गर्लफ्रेंड की बातों को सुनें। आप उनकी बात सुने कि वह क्‍या कहना चाहती है, चाहे वह कितना भी ऊट पटांग कहे, आपको बस उनकी बात सुननी है। इससे उसको फील होगा कि आप उसको Importance दे रहे हैं। पहले उसकी सुने और फिर अपनी कहें।



पुरानी बातों को भूल जाओ

आपको इस लडाई-झगड़े वाले मूड से बाहर निकल कर थोड़ा सा रिलैक्‍स करना चाहिये। पुरानी बातों को दिमाग में रखने से केवल तनाव ही होगा और बाद में आपका रिलेशनशिप और भी ज्‍यादा बिगड जाएगा। अगर आप नहीं चाहते हैं कि आपका रिश्‍ता आपकी गर्लफ्रेंड से बिगडे तो उससे जा कर यह वाक्‍य बोलें। अगर सामने जा कर बोलने की हिम्‍मत नहीं पड़ रही है तो आप उसे लेटर लिख सकते हैं या फिर मोबाइल पर टेक्‍स लिख कर भेज सकते हैं। टेक्‍स लिखने के बाद स्‍माइली बनाना मत भूलियेगा।



तुम गुस्‍से में और भी ज्‍यादा हॉट लगती हो

यह एक तरह की प्रभावशाली लाइन है जिसे आप आखिर में इस्‍तमाल कर सकते हैं। खुद को एक सेकेंड के लिये romantic बना लीजिये और उसके कानों के पास जा कर यह वाक्‍य धीरे से बोल दीजिये। खुद को हॉट सुन कर वह पल भर में पिघल जाएगी। लेकिन हां, वाक्‍य बोलते समय ध्‍यान रहे कि यह पूरी तरह से नेचुरल लगे। अगर आप थोड़ा फनी टाइप के इंसान हैं तो जब गर्लफ्रेंड का मूड सही हो जाए तब उसकी टांग खींच कर माहौल को थोड़ा खुशमिजाज बना दीजिये और प्‍यार की लौ को जिंदगी भर के लिये जला कर रखिये।



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“मोना-गुरु” हर महिला की वो आभासी (वर्चुअल) सहेली है ,जो रोजमर्रा की हर मुश्किल का आसान हल तो देती ही है साथ ही अपनी सखियों को घर-संसार से जुड़ी हर बातों में आगे भी बनाये रखती है.

बोरिंग सेक्स लाइफ

चुलबुली ट्रिक्स – जो वापस से रंग भर देंगी आपकी बोरिंग सेक्स-लाइफ में

बिकिनी एयरलाइन्स – जो जल्दी ही भारत में शुरू करने जा रही है अपनी हवाई सेवा

बिकिनी एयरलाइन्स – जो जल्दी ही भारत में शुरू करने जा रही है अपनी हवाई सेवा

हर एयरलाइंस की एयरहोस्‍टेस और उनकी यूनिफॉर्म न सिर्फ एयरलाइंस की पहचान होती है बल्कि एयर ट्रेवल करने वालों के बीच आकर्षण का केंद्र होता हैं। यहां तक की कुछ एयरलाइंस की एयरहोस्‍टेज की यूनिफॉर्म तो उन देश की संस्‍कृति की परिचायक होती हैं।

बिकनी एयरलाइन्स



लेकिन आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि कुछ एयरलाइंस मार्केटिंग स्‍टेट्रर्जी के तहत एयर हॉस्‍टेज की ऐसी ड्रेस डिजाइन करवाते है, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा कस्‍टमर्स को विमान यात्रा के लिए अट्रेक्‍ट किया जा सकें।

बिकनी एयरलाइन्स



ऐसी ही एक एयरलाइसं है ‘बिकिनी एयरलाइंस’ जो इन दिनों जल्‍द ही इंडिया में अपनी सर्विस शुरु करने की वज‍ह से लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। हाल ही में इस कंपनी ने यह घोषणा की हैं कि वो जुलाई-अगस्‍त में अपनी सेवाएं शुरु कर सकता हैं। पोस्ट में अंत में इस एयरलाइन का विडियो देखना नही भूले.

बिकनी एयरलाइन्स



एयरलाइन का ड्रेस कोड

एयरलाइन की एयरहोस्टेस का ड्रेस कोड बिकिनी कम्‍पनी की सीईओ ‘Nguyen Thi Phuong Thao’ ने चुना है। बता दें कि वे वियतनाम की पहली बिलियन एयर महिला हैं। हाल ही में ये एयरलाइन फुटबॉल टीम के वेलकम में एयरहोस्टेस को लांजरी पहनाने के लिए चर्चा रही थी।

बिकनी एयरलाइन्स

विवादास्‍पद एयरलाइन

एयरलाइन दुनिया की सबसे विवादास्पद एयरलाइनों में से एक है, क्योंकि, कुछ देश बिकनी होस्टेस की इस कॉन्‍सेप्‍ट के खिलाफ हैं और हो सकता है कि भारत में भी आगे चलकर इस एयरलाइंस का विरोध हो।

बिकनी एयरलाइन्स



बिकिनी एयरहॉस्‍टेज का कैलेंडर फोटोशूट

ये एयरलाइन हर साल अपनी बिकिनी एयरहॉस्‍टेज का कैलेंडर शूट भी करवाता हैं। दुनियाभर की आला टॉप मॉडल्‍स और एयरलाइंस की एयरहॉस्‍टेज का ऑडिशन लेकर इस एनुअल कैलेंडर में उन्‍हें जगह दी जाती हैं। जैसे किंगफिशर का कैलेंडर शूट, जिसके लिए देशभर से मॉडल्‍स ऑडिशन देकर इस कैलेंडर में अपनी जगह बनाती हैं।

बिकनी एयरलाइन्स

बिकिनी परेड से सलेक्‍शन इस एयरलाइंस की एयरहॉस्‍टेज का सलेक्‍शन उसकी क्‍वालीफिकेशन, ग्रूमिंग और पर्सनेलिटी के अलावा बिकिनी परेड के आधार पर की जाती हैं।



फ्लाइट में करा चुका है फैशन शो ये लॉ बजट एयरलाइन ने एक बार उड़ान के दौरान फैशन शो का आयोजन किया था। जिसमें स्विमिंग सूट पहने हुए मॉडल ने पार्टीसिपेट किया था। जिसके वजह से ये एयरलाइन खूब हाईलाइट में आया था। लेकिन उड़ान के दौरान हवाई नियमों को ताक में रखकर इस फैशन शो को आयोजित करने की वजह से इस एयरलाइन पर जुर्माना भी लगाया गया था।

बिकनी एयरलाइन्स

लॉ कॉस्‍ट कैरियर इस एयर लांइस को 2016 में शीर्ष 500 ब्रांडों में से सर्वश्रेष्‍ट एशिया का बेस्‍ट लो कॉस्‍ट कैरियर का खिताब भी मिल चुका हैं।

देखिये बिकनी एयरलाइन्स के अंदर का विडियो

तो सखियों ये थी भारत में शीघ्र ही शुरू होने वाली बिकनी एयरलाइन्स के विषय में कुछ जानकारी, अगर आपको हमारा ये आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर अपने मित्रों के साथ आगे भी शेयर करके साझा कर सकते है, शेयरिंग आप्शन नीचे दिए गये है.

बिजली महादेव – शिव का रहस्मयी धाम जहाँ हर बारह साल में शिवलिंग पर बिजली गिरती है

पूरे भारत में भगवन शिव के प्रसिद्ध 12 ज्‍योतिलिंग के अलावा ऐसे कई अद्भुत मंदिर है जो शिव के चमत्‍कारों के लिए जाने जाते हैं, उन्हीं में से एक है हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित बिजली महादेव। कुल्लू का पूरा इतिहास बिजली महादेव से जुड़ा हुआ है।

आइये करते है दर्शन महादेव के इस चमत्कारी धाम के और जानते है इसकी कथा

बिजली महादेव



कुल्लू शहर में ब्यास और पार्वती नदी के संगम के पास एक ऊंचे पर्वत के ऊपर बिजली महादेव का प्राचीन मंदिर है।आइए जानते है कि आखिर कैसे इस मंदिर का नाम पड़ा बिजली महादेव और क्‍या है इससे जुड़ा इतिहास।

ये है मान्‍यता…

पूरी कुल्लू घाटी में ऐसी मान्यता है कि यह घाटी एक विशालकाय सांप का रूप है। इस सांप का वध भगवान शिव ने किया था। जिस स्थान पर मंदिर है वहां शिवलिंग पर हर बारह साल में भयंकर आकाशीय बिजली गिरती है। बिजली गिरने से मंदिर का शिवलिंग खंडित हो जाता है। यहां के पुजारी खंडित शिवलिंग के टुकड़े एकत्रित कर मक्खन के साथ इसे जोड़ देते हैं। कुछ ही माह बाद शिवलिंग एक ठोस रूप में परिवर्तित हो जाते हैं।

बिजली महादेव

इस शिवलिंग पर हर बारह साल में बिजली क्यों गिरती है इसके पीछे भी एक इतिहास है।

बिजली महादेव



ऐसा नाम पड़ा कुल्‍लू

बिजली महादेव

बहुत पहले यहां कुलान्त नामक दैत्य रहता था। दैत्य कुल्लू के पास की नागणधार से अजगर का रूप धारण कर मंडी की घोग्घरधार से होता हुआ लाहौल स्पीति से मथाण गांव आ गया। दैत्य रूपी अजगर कुण्डली मार कर ब्यास नदी के प्रवाह को रोक कर इस जगह को पानी में डुबोना चाहता था। इसके पीछे उसका उद्देश्य यह था कि यहां रहने वाले सभी जीवजंतु पानी में डूब कर मर जाएंगे। भगवान शिव कुलान्त के इस विचार से से चिंतित हो गए।



कुलांत के नाम पर कुल्‍लू पड़ा

बड़े जतन के बाद भगवान शिव ने उस राक्षस रूपी अजगर को अपने विश्वास में लिया। शिव ने उसके कान में कहा कि तुम्हारी पूंछ में आग लग गई है। इतना सुनते ही जैसे ही कुलान्त पीछे मुड़ा तभी शिव ने कुलान्त के सिर पर त्रिशूल वार कर दिया। त्रिशूल के प्रहार से कुलान्त मारा गया। कुलान्त के मरते ही उसका शरीर एक विशाल पर्वत में बदल गया। उसका शरीर धरती के जितने हिस्से में फैला हुआ था वह पूरा की पूरा क्षेत्र पर्वत में बदल गया। कुल्लू घाटी का बिजली महादेव से रोहतांग दर्रा और उधर मंडी के घोग्घरधार तक की घाटी कुलान्त के शरीर से निर्मित मानी जाती है। कुलान्त से ही कुलूत और इसके बाद कुल्लू नाम के पीछे यही किवदंती कही जाती है।

बिजली महादेव



शिव के कहने पर इंद्र गिराते हैं बिजली

कुलान्त दैत्य के मारने के बाद शिव ने इंद्र से कहा कि वे बारह साल में एक बार इस जगह पर बिजली गिराया करें। हर बारहवें साल में यहां आकाशीय बिजली गिरती है। इस बिजली से शिवलिंग चकनाचूर हो जाता है। शिवलिंग के टुकड़े इकट्ठा करके शिवजी का पुजारी मक्खन से जोड़कर स्थापित कर लेता है। कुछ समय बाद पिंडी अपने पुराने स्वरूप में आ जाती है।



बिजली शिवलिंग पर ही क्यों गिरती है

आकाशीय बिजली बिजली शिवलिंग पर गिरने के बारे में कहा जाता है कि भगवान शिव नहीं चाहते चाहते थे कि जब बिजली गिरे तो जन धन को इससे नुकसान पहुंचे। भोलेनाथ लोगों को बचाने के लिए इस बिजली को अपने ऊपर गिरवाते हैं। इसी वजह से भगवान शिव को यहां बिजली महादेव कहा जाता है।

बिजली महादेव



शिवरात्रि पर लगता है मेला

भादों के महीने में यहां मेला-सा लगा रहता है। कुल्लू शहर से बिजली महादेव की पहाड़ी लगभग सात किलोमीटर है। शिवरात्रि पर भी यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है।

बिजली महादेव

तो ये थी एक छोटी सी जानकारी कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर के विषय में, आपको अगर मोना गुरु का ये लेख पसंद आया हो तो आप इसे फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर अपने मित्रों के साथ भी साझा कर सकते है.

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छिपकली

छिपकली को घर से भगाने के साधारण उपाय

छिपकली  !! नाम से ही कई लोगो को दहशत होने लगती है, ऐसे में उसका घर में होना उन लोगो पर क्या जुल्म ढाता है ये सिर्फ वही समझ सकता है जिसे खुद छिपकली से डर लगता है, वैसे देखा गया है की ये समस्या बच्चों और महिलाओं में ज्यादा होती है, पुरुष भी इससे डरते है लेकिन तुलनात्मक रूप से कम.

जैसा की मोना गुरु का आपसे वादा रहता है की हमारी इस वेबसाईट पर आपको रोजमर्रा की समस्याओं के बिलकुल साधारण घरेलू उपाय बताये जायेंगे, तो इसी कड़ी में आज हम आपको घर से छिपकली को भगाने के साधारण नुस्खे बताने जा रहे है, इनका प्रयोग कीजिये और आप देखेंगे की आपके घर से सारी छिपकलियाँ बिलकुल गायब हो गयी.

मार्केट में छिपकली को भगाने वाले कई विषैले लिक्विड आते है, लेकिन ये लिक्विड आपके बच्‍चों या पालतू जानवरों को भी नुकसान पंहुचा सकते है। ऐसे में बेहतर होगा कि छिपकलियों को भगाने के लिए कोई घरेलू उपाय किया जाये। इस आर्टिकल में छिपकलियों को भगाने के कुछ ईको-फ्रैंडली घरेलू उपाय बताएं जा रहे है, इसकी सारी सामग्रियां आपको घर में ही मिल जाएगी मतलब आपको कुछ भी अतिरिक्त खर्चा करने की जरूरत नहीं है.

नेफ्थलीन गोलियां

छिपकली भगाने के तरीके

नेफ्थलीन की गोलियां, एक अच्‍छी कीटनाशक होती है, इसे वार्डरोब, वॉशवेसिन आदि में डाला जाता है। इसे जहां भी रख देगें, वहां छिपकली नहीं आएगी।

मोरपंख

छिपकली भगाने के तरीके

छिपकलियों को मोर का पंख देखकर भ्रम हो जाता है कि यहां कहीं सांप है जो उन्‍हे खा जाएगा, इसलिए उसे देखकर वह भाग जाती है। मोरपंख को घर में किसी गुलदस्‍ते आदि में लगाकर रख दें, इससे छिपकलियां भाग जाएगी।

पिपर पेस्टीसाइड स्‍प्रे

छिपकली भगाने के तरीके

पानी और काली मिर्च के पाउडर को मिला लें और एक पेस्‍टीसाइड तैयार कर लें। इसे अपनी किचेन, कमरों और बाथरूम अदि जगहों पर छिड़क दें। इससे छिपकलियां भाग जाती है क्‍योंकि काली मिर्च की तीखी गंध उन्‍हे अच्‍छी नहीं लगती है।

प्‍याज

छिपकली भगाने के तरीके

प्‍याज को स्‍लाइस में काटकर उसे धागे में बांधकर लाइट्स आदि के पास लटका दें, इससे वहां आने वाली छिपकली भाग जाएगी। प्‍याज में सल्‍फर ज्‍यादा मात्रा में होता है जिससे बुरी दुर्गंध निकलती है और छिपकली भाग जाती है।

अंडे के छिलके

छिपकली भगाने के तरीके

अंडे के छिलके में कोई भी महक नहीं होती है जो छिपकली वो जगह छोड़ दें, लेकिन छिपकली मानसिक रूप से सोचती है कि इस क्षेत्र में कोई और बड़ा जीव आकर रहने लगा है, इसलिए वह उस स्‍थान को छोड़ देती है। अंडे के छिलके को तीन-चार सप्‍ताह में बदलते रहें।

लहसून

छिपकली भगाने के तरीके

एक स्‍प्रे बॉटल लें। इसमें प्‍याज का रस और पानी भर लें। इसमें कुछ बूंद लहसून के रस की मिला लें और अच्‍छे से मिला लें। अब इसे घर के हर कोने में छिड़क दें, जहां-जहां छिपकली सबसे ज्‍यादा आती है वहां भी छिड़क दें। आप चाहें तो लहसून की कली भी रख सकते है, इससे भी छिपकलियां दूर भाग जाती है।

तो सखियों ये थे छिपकली भगाने के मोना गुरु की तरफ से कुछ बेहद ही साधारण से लेकिन बेहद असरकारक नुस्खे, इनका प्रयोग कीजिये और छिपकलियों को अपने घर से बाहर भगाइए.

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माइग्रेन

माइग्रेन होगा चुटकी में गायब अगर आपने अपनाए ये घरेलू उपाय

माइग्रेन की परेशानी इन दिनों लोगों में आम सुनने को मिल रही है। यह किसी भी उम्र के शख्स को हो सकता है। अचानक ही सिर के आधे हिस्से में जोरदार दर्द शुरू हो जाता हैं जो लगातार कई घंटों तक बना रह सकता है। इसका दर्द काफी तकलीफदेह हो सकता है। एक तिहाई लोगों को ऑरा के माध्यम इसका पूर्वाभास हो जाता है, जिससे गति पैदा करने वाली नसों में अवरोध होता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि शीघ्र ही सिर दर्द होने वाला है।

मोना गुरु आज आपको माइग्रेन के इलाज के कुछ घरेलू नुस्खे तो बताने जा ही रही है, साथ ही आपको न्यूरोपैथी के एक बिलकुल साधारण तरीके का विडियो भी दिखाने जा रही है, इससे भी आपको माइग्रेन में तुरंत राहत मिलेगी



तो पहले शुरू करते है घरेलू नुस्खो से, फिर अंत में देखेंगे न्यूरोपैथी का बिलकुल आसान विडियो

सिर की मालिश

माइग्रेन उपचार

सिर की मालिश माइग्रेन को दूर करने के लिए एक बेहद ही प्रभावशाली तरीका है, आप पिपरमेंट आयल अथवा नवरत्न तेल के साथ सिर की मालिश कीजिये, ये आपके तनाव को दूर करेगा जिससे आपको माइग्रेन में तुरंत राहत मिलेगी. इसके अलावा आप पुदीने के पत्ते की चाय भी दिन में दो बार बना कर पीयेंगी तो ये भी आपको माइग्रेन में काफी राहत पहुचाएंगी.



सेब का सिरका

माइग्रेन उपचार

ये भी माइग्रेन में राहत पहुंचाने में एक बेहद कारगर घरेलू इलाज है, एक चम्मच सेब का सिरका, एक चम्मच नीबू का रस और एक चम्मच शहद इन सबको एक गिलास पानी में मिलाकर पीजिये तुरंत आराम मिलेगा



कोल्ड कॉम्प्रेस

माइग्रेन उपचार

माइग्रेन दूर करने में कोल्ड कॉम्प्रेस का तरीका भी बेहद इफेक्टिव है, एक तोलिये में आठ से दस बर्फ के टुकड़े ले उसको लपेट ले और इससे सिर के दाई और उपर की और रखकर माथे को ठंडक दे, तुरंत आराम मिलेगा

आयल पुलिंग

माइग्रेन उपचार

ये भी एक आयुर्वेदिक तरीका है, इसमें आप एक चम्मच तिल का तेल अथवा नारियल का तेल कच्चा मुहँ में ले और उसे तीन से चार मिनिट लगातार अपने मुहं के हर कोने में घुमाए, ये वास्तव में डीटोक्सीफिकेशन का एक तरीका है, इससे भी तुरंत राहत मिलती है

विशेष : अगर मुहं में तेल लेने में अजीब लगता हो तो आप यही प्रक्रिया किसी भी अच्छे माउथवाश के साथ भी कर सकतीं है, असर वही रहेगा



अश्वगंधा

माइग्रेन उपचार

अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है और पूरे संसार ने इसको प्राकृतिक रूप से तनाव दूर करने वाली प्रणाली के तौर पर स्वीकार कर लिया है, ये आपके दिमाग को तो शांत करती है साथ ही हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बेहद शक्ति प्रदान करती है, रोजाना एक गिलास दूध में इसका एक छोटा चम्मच चूर्ण डालकर सेवन करे.

ब्राह्मी

माइग्रेन उपचार

ब्राह्मी भी दिमाग को शक्ति देने वाली विश्वप्रसिद्ध जड़ी बूटियों में शामिल है, इसका उपयोग बच्चों की पढाई क्षमता को भी बढ़ाने के लिए बिलकुल आम है, हर दिन दूध में आधा चम्मच ब्राहमी डालकर सेवन कीजिये .



अब देखिये माइग्रेन ठीक करने के न्यूरोपैथी तरीके का विडियो जो आपको माइग्रेन से तुरंत ही राहत दे देगा

तो सखियों ये थी माइग्रेन उपचार विषय पर मोना गुरु की विशेष पेशकश, उम्मीद करते है आपको पसंद आया होगा.

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“मोना-गुरु” हर महिला की वो आभासी (वर्चुअल) सहेली है ,जो रोजमर्रा की हर मुश्किल का आसान हल तो देती ही है साथ ही अपनी सखियों को घर-संसार से जुड़ी हर बातों में आगे भी बनाये रखती है.

प्रेरणादायक सच्ची कहानियां

प्रेरणादायक सच्ची कहानियां – वो पांच महिलाएं जिन्होंने जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों को हरा दिया

पांच महिलाओं की प्रेरणादायक सच्ची कहानियां, भी प्रेरणा से भर देंगी जो आपको

सखियों मोना गुरु का हमेशा से प्रयास रहा है की अपने पाठको के लिए ऐसी जानकारी लाई जाए जो अपने आप में एक मिसाल तो हो ही साथ ही वो कई लोगो को प्रेरित भी कर सके और उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव भी ला सके, इसी कड़ी में आज मोना गुरु आपके लिए पांच ऐसी महिलाओं की प्रेरणादायक सच्ची कहानियां लेकर आई है जिन्होंने जीवन की मुश्किल से मुश्किल चुनोतियों का सामना करते हुए भी विजय पाई और आज वो समाज के लिए किसी नायिका से कम नही है.



1. जेसिका कॉक्स (Jessica Cocks)

जेसिका कॉक्स - Jessica Cox

हाथों से नहीं, पैरों से हवा में उड़ान भरती हैं जेसिका- अमेरिका के एरिज़ोना में जन्मी और वहीं रहने वाली जेसिका कोक्स (32) जन्म से अपंग हैं। उनके दोनों हाथ नहीं थे, इसके बावजूद वह पायलट है। बिना हाथों वाली वह दुनिया की पहली पायलट है, जो हाथों से नहीं, पैरों से प्लेन उड़ाती हैं।लेकिन यह कमजोरी ही उनकी ताकत बनी। आज जेसिका वो सभी काम कर सकती हैं और करती हैं, जो आम लोग भी नहीं कर पाते। उनके पास ‘नो रिस्टिक्शन’ ड्राइविंग लाइसेंस है। जिस विमान को जेसिका उड़ाती है उसका नाम ‘एरकूप’ है। जेसिका के पास 89 घंटे विमान उड़ाने का एक्सपीरियंस है।

जेसिका डांसर भी रह चुकी हैं और ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट भी हैं। वे 25 शब्द प्रति मिनट से टाइपिंग भी कर सकती हैं। जेसिका पर एक डॉक्युमेंट्री भी बन चुकी हैं ‘राइट फुटेड’ जिसे डायरेक्ट किया है एमी अवॉर्ड विनर ‘निक स्पार्क’ ने।

कुछ और तस्वीरे देखिये जेसिका कॉक्स की

जेसिका कोक्स - Jessica Cox

जेसिका अपने विमान में



2. स्मीनू जिंदल (Sminu Jindal)

स्मिनु जिंदल - sminu jindal

11 साल में खोए थे पैर, आज अपनी कंपनी की MD हैं स्मीनू जिंदल- जिंदल फैमिली की स्मीनू उन दिव्यांगों के लिए आदर्श हैं जो जिंदगी अपनी तरह से जीना चाहते हैं। स्मीनू ने अपनी विकलांगता को अवसर माना और अपनी ऐसी पहचान बनाई कि आज उनकी व्हीलचेयर खुद को लाचार समझती है।आज स्मीनू जिंदल ग्रुप की कंपनी जिंदल सॉ लिमिटेड की एमडी हैं। उनका ‘स्वयं’ एनजीओ भी है। स्मीनू जब 11 साल की थीं, तब जयपुर के महारानी गायत्री देवी स्कूल में पढ़ती थीं। छुट्टियों में दिल्ली वापस आ रही थीं, तभी कार एक्सीडेंट हुआ और वह गंभीर स्पाइनल इंजरी की शिकार हो गई। हादसे के बाद उनके पैरों ने काम करना बंद कर दिया और व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा।

स्मीनू बताती हैं, अपने रिहैबिलिटेशन के बाद जब मैं इंडिया वापस आई तो काफी कुछ बदल चुका था। मैंने मायूस होकर पिताजी से कहा था कि मैं स्कूल नहीं जाऊंगी, पर पिताजी ने जोर देकर मुझसे कहा कि तुम्हें अपने बहनों की तरह ही स्कूल जाना पड़ेगा। आज मेरे पति और बच्चों के लिए भी मेरी विकलांगता कोई मायने नहीं रखती।

स्मीनू कहती है- ‘आपको आपका काम स्पेशल बनाता है न कि आपकी स्पेशल कंडीशन। मेरे जैसे जो भी लोग हैं, उन्हें यही कहूंगी- खुद की अलग पहचान बनाने के लिए अपनी कमी को आड़े न आने दें, यही कमी आगे चलकर आपकी बड़ी खासियत बन जाएगी।”

स्मीनू का एनजीओ ‘स्वयं’ आज NDMC, ASI, DTC और दिल्ली शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कई काम कर रहा है।

कुछ और तस्वीरे स्मीनू की

स्मीनू जिंदल



3. ली जुहोंग (Li Zhong)

बचपन में पैर खोए, फिर भी डॉक्टर बनीं, अब इलाज करने रोज करती है पहाड़ पार- चीन के चांगक्वींग की रहने वाली ली जुहोंग जब 4 साल की थीं तो एक रोड एक्सीडेंट दोनों पैर गंवाने पड़े। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पढ़ाई पूरी की और डॉक्टर बन कर आज पहाड़ी गांव में क्लीनिक खोलकर लोगों की सेवा कर रही है।-1983 में एक ट्रक ने ली को टक्कर मार दी। दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए थे।

– डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर जूहोंग के दोनों पैर घुटने के ऊपर से काट दिए।

– ठीक होने के बाद होंगजू ने लकड़ी के स्टूल के सहारे चलना सीखा। शुरुआत में उन्हें लगा कि वह चल नहीं पाएंगी।

– आठ साल की उम्र में चलना सीख लिया। इसके बाद फिर से स्कूल जाना शुरू किया।

– 2000 में स्पेशल वोकेशनल स्कूल में मेडिकल स्टडी के लिए एडमिशन लिया और डिग्री हासिल की।

– इसके बाद गांव वालडियन में क्लीनिक खोलकर ग्रामीणों का इलाज शुरू किया।

– जुहोंग इमरजेंसी कॉल आने पर मरीज को घर पर भी देखने जाती हैं। उन्हें अक्सर ऊंचे-नीचे रास्तों से जाना होता है।

क्लीनिक खोलने के कुछ दिनों बाद ही होंगजू की शिंजियान से मुलाकात हुई। दोनों में प्यार हुआ और फिर शादी कर ली। शिंजियान ने नौकरी छोड़कर घर की पूरी जिम्मेदारी संभाली। शिंजियान पीठ पर बैठाकर जुहोंग को क्लीनिक तक छोड़ने जाते हैं। ली अब तक 1000 से अधिक लोगों का इलाज कर चुकी हैं।



4. मुस्कान अहिरवार (Muskan Ahirwar)

muskaan ahirwar - मुस्कान अहिरवार

9 साल की बच्ची गरीब बच्चों के लिए चलाती है लाइब्रेरी- भोपाल में एक 9 साल की बच्ची मुस्कान अहिरवार गरीब बच्चों के लिए ‘बाल पुस्तकालय’ नाम से एक लाइब्रेरी चलाती है। तीसरी क्लास में पढ़ने वाली मुस्कान के पास फिलहाल 119 किताबें हैं। मुस्कान रोज़ाना इस लाइब्रेरी में बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करती है।भोपाल के अरेरा हिल्स के पास बने स्लम एरिया में रहने वाली मुस्कान की मां हाउस वाइफ हैं और पिता बढ़ई। मुस्कान की बड़ी बहन 7वीं में पढ़ती है। लाइब्रेरी के लिए मुस्कान हर दिन 4 बजे शाम में स्कूल से घर आती है फिर उसके बाद अपने घर के बाहर किताबें सजाती हैं और कहानियां सुनाकर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

सरकार से मिली मदद

पिछले साल राज्य शिक्षा केंद्र ने उसे 25 किताबें दी थी। इन किताबों की संख्या अब बढ़कर 119 हो गई है। राज्य शिक्षा केंद्र ने अब उसे यह लाइब्रेरी संभालने की जिम्मेदारी दी है। अब मुस्कान और स्लम के बच्चे शिक्षा केंद्र से और किताबों की मांग करने जा रहे हैं, क्योंकि अब तक की सभी किताबें बच्चे पढ़ चुके हैं। शायद मुस्कान भारत की सबसे कम उम्र की लाइब्रेरियन है।

कुछ और तस्वीरे मुस्कान की

muskaan ahirwar - मुस्कान अहिरवार
muskaan ahirwar - मुस्कान अहिरवार



5. रेखा (Rekha)

खेतों में हल चलाकर इस महिला ने बना दिया रिकॉर्ड- पति की असमय मौत के बाद मुरैना जिले में पहाड़गढ़ के पास गांव जलालपुरा की एक महिला ने खेत में खुद हल चलाकर नेशनल रिकॉर्ड बना दिया। उसे समाज के लोग विधवा कहकर घर पर बैठने की हिदायत दे रहे थे लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। आज रेखा अपने खेत में आधुनिक तौर-तरीके से खेती करती हैं और पैदावार भी काफी बढ़ा ली।- महज 1 हेक्टेयर के खेत में 50 क्विंटल बाजरा पैदा कर नया रिकॉर्ड बनाया, क्योंकि अब तक नेशनल एवरेज 15 क्विंटल था।

– रेखा की इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय कृषि-कर्मण अवॉर्ड के लिए सम्मानित किया है।

– पति की जब मौत हुई तो समाज ने रेखा को विधवा कह कर घर बैठने की हिदायत दी थी। कंधों पर दो बेटियों और एक बेटे की जिम्मेदारी थी और गुजारे के नाम पर महज 1 हेक्टेयर का खेत। इसी के सहारे परिवार पालना था।

– खुद अपनी खेती को संभालने बाहर निकली तो रेखा को समाज से भी जंग लड़नी पड़ी।

– समाज के असहयोग के चलते कई बार तो गृहस्थी के काम के साथ खुद रेखा को खेतों में हल भी चलाना पड़ा। आखिरकार रेखा की जिद कामयाब हो गई है, अब गांव के लोग भी रेखा पर गर्व कर रहे हैं।



तो मित्रों ये थी उन पांच महिलाओं की सच्ची कहानी जिन्होंने जीवन की कठिनतम चुनौती का सामना करते हुए भी उस पर विजय पाई और अपने देश और समाज की सच्ची नाइका के रूप में स्थापित हुई, मित्रों आपको अगर मोना गुरु का ये आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आप इसे फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर अपने मित्रों के साथ शेयर भी कर सकते है.

“मोना-गुरु” हर महिला की वो आभासी (वर्चुअल) सहेली है ,जो रोजमर्रा की हर मुश्किल का आसान हल तो देती ही है साथ ही अपनी सखियों को घर-संसार से जुड़ी हर बातों में आगे भी बनाये रखती है.